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लॉकडाउन होने से देश की आर्थिक व्यवस्था पर क्या असर पड़ा?

लॉकडाउन होने से देश की आर्थिक व्यवस्था पर क्या असर पड़ा?

कोरोना वायरस की वजह से 7 लाख से ज्यादा लोग अभी तक संक्रमित हो चुके हैं, और 37000 से ज्यादा लोगों ने अपनी जान गवा दी है।

चीन के वुहान शहर से आया यह वायरस सभी के जिंदगी को बदल कर रख दिया है लोग अपने ही घरों में कैद होने के लिए मजबूर हो गए हैं पूरा विश्व कोरोनावायरस को लेकर संघर्ष कर रहा है।

कोरोना वायरस के कारण पूरे विश्व बहुत बड़े आर्थिक संकट में चला गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार पर कोरोना वायरस का सबसे बड़ा असर पड़ा है क्योंकि बहुत सारे सामानों का आयात निर्यात रोक दिया गया है।

पर्यटकों के आवागमन पर रोक लगा दी गई है। पर्यटक किसी भी देश के लिए आय का एक बहुत बड़े जरिया हुआ करते थे।

कोरोना वायरस की वजह से इटली को सबसे ज्यादा नुकसान का सामना करना पड़ा है। इटली में अभी तक सबसे ज्यादा 11000 के करीब लोग जान गवा चुके हैं कोरोनावायरस की वजह से।

इटली पर्यटकों के लिए एक महत्वपूर्ण देश था। इटली पर्यटकों के लिए पूरे विश्व में एक महत्वपूर्ण स्थान माना जाता है इसलिए इटली में भारी मात्रा में पर्यटक जाया करते थे।

इटली के टूरिज्म इंडस्ट्री 13% से ज्यादा, पूरे देश के जीडीपी का हिस्सा है। इसलिए इटली की अर्थव्यवस्था पर बहुत बुरा असर पड़ा है।

कोरोना वायरस से भारत को नुकसान:

कोरोना वायरस के कारण भारत को भी बहुत बड़े नुकसान उठाने पड़े हैं, अब तक कोरोना वायरस से भारत में 29 लोगों की मौत हो चुकी है और संक्रमित मरीजों की संख्या 1000 से ज्यादा हो चुकी है।

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोरोना वायरस के कारण संपूर्ण भारत में 21 दिन का कर्फ्यू लागू किया है। भारत में लगभग पूरी कंपनियों को बंद कर दिया गया है, वर्क फ्रॉम होम कर दिया गया है इस दौरान बहुत बड़ी मात्रा में लोग अपने घर से काम कर रहे हैं।

हालांकि, इससे गरीब, मजदूर वर्ग, और समाज के उन लोग को सबसे ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है जो सुबह से शाम तक काम करते थे और रोज के मजदूरी पर निर्भर थे ।

कोरोनावायरस का आर्थिक व्यवस्था पर असर:

कोरोनावायरस के कारण पूरा विश्व आर्थिक संकट में चला गया है। इस आर्थिक संकट से निकलने में पूरे विश्व को कई साल लग जाएंगे।

कोरोना वायरस के कारण स्टॉक मार्केट लगातार गिर रहा है
बीबीसी न्यूज़ के मुताबिक 1987 के बाद, इस वर्ष स्टॉक मार्केट सबसे नीचे गया है।

ट्रैवल इंडस्ट्री पर कोरोनावायरस की मार:

कोरोना वायरस के कारण हवाई जहाज का टिकट लोगों ने कैंसिल कर दिया, लोगों ने अपना छुट्टी दूसरी जगह, दूसरे देश में बताने का प्लान कैंसिल कर दिया।

ट्रैवल इंडस्ट्री पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था में 3.9% योगदान देता है। 319 मिलियन से ज्यादा जॉब ट्रैवल इंडस्ट्री पूरे विश्व को देता है।

भारत की अर्थव्यवस्था पर कोरोना वायरस का असर:

एक्सपर्ट के मुताबिक बताया जा रहा है कि भारत को कोरोनावायरस की वजह से 9 लाख करोड़ का अभी तक नुकसान हुआ है।

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लॉकडाउन की घोषणा के वक्त बताया, अगर स्थिति पर काबू नहीं पाई गई तो भारत 21 साल पीछे चला जाएगा।

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