webroot com safe

करोना वायरस से बचे, अपना इम्यूनिटी मज़बूत करे: स्वामी रामदेव

कोरोना वायरस का पहला मामला 17 नवंबर 2019 को वुहान शहर, चीन में पाया गया था। चीन में एक डॉक्टर ने कोरोना वायरस से संक्रमित एक मरीज की पुष्टि की लेकिन, दुर्भाग्य से इसे गंभीरता से नहीं लिया गया।

जिसके परिणामस्वरूप आज पूरी दुनिया पीड़ित है । कोरोना वायरस के बारे में कोई ठोस दवा नहीं बनाई गई है, इसीलिए अभी कोरोनोवायरस को नियंत्रित करना असंभव लगता है।

कोरोना वायरस पूरी दुनिया के लिए खतरा बन रहा है। कोरोना वायरस के कारण पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था चरमरा रही है।मार्केट ठप होता जा रहा है, कंपनियां बंद हो रही है लोगों की नौकरियां जा रही है , पूरी दुनिया प्रकृति की दोहरी मार झेल रही है।

पूरी दुनिया में कोराना वायरस से पीड़ित रोगियों की संख्या 378000 से अधिक है और यह लगातार बढ़ती जा रही है,
जिसमें 16495 की मौत हो चुकी है।

यह चीन में शुरू हुआ, जहां 810 93 कोरोना वायरस के मामले पाए गए है , जिनमें से 3270 रोगियों की मृत्यु हो गई है। हालाँकि, चीन ने कोरोना वायरस को नियंत्रित कर लिया है।
हालांकि, इसका सबसे भयावह रूप इटली में देखा गया, जहां अब तक 63297 मामले पाए गए हैं, जिनमें से 6077 से अधिक की मौत हो चुकी है। इटली में स्थिति ऐसी हो गई है कि, कोराना वायरस को नियंत्रित करना लगभग असंभव हो गया है।
इसकी अंदाजा आप इटली के राष्ट्रपति की प्रेंस कांफ्रेंस में निकले आंसू से लगा सकते हैं।

स्पेन और ईरान में भी हालत बहुत नाजुक है, यहाँ तक कि, कोराना वायरस के पीड़ितों की संख्या लगातार बढ़ रही है, और कोराना वायरस के कारण होने वाली मौतों की संख्या भी बढ़ रही है।

भारत भी कोरोना वायरस अछूता नहीं रहा । भारत में भी कोरोना वायरस से पीड़ितों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, भारत में अब तक कोरोना वायरस से पीड़ितों की मृत्यु की संख्या 10 के करीब हो गई है।

इस तरह से मृत्यु दर में बढ़ोतरी का एक ही कारण है कोरोना वायरस के टीका का अभाव । कोरोना वायरस से मरने वाले रोगियों में एक बात समान है । उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता अच्छी नहीं थी। इसलिए, यदि हम कोरोना वायरस से बचना चाहते हैं, तो हमें अपनी प्रतिरक्षा को मजबूत करना होगा।

रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने का सबसे आसान जरिया “स्पिरूलिना” है। जिसे रामदेव बाबा ने भी एक टीवी इंटरव्यू में बताया है ।

स्पिरुलिना ’क्या है?

स्पिरुलिना पृथ्वी पर सबसे पुराना जीवित रूप है। वास्तव में, यह नीला-हरा, सूक्ष्म शैवाल है जो पृथ्वी के वातावरण में ऑक्सीजन के उत्पादन के लिए जिम्मेदार है, जब से इस ग्रह पर जीवन रूपों का विकास शुरू हुआ है। स्पिरुलिना पहला भोजन है जिसे हम सुपरफूड कहते हैं और यह पृथ्वी पर सबसे अधिक पौष्टिक खाद्य पदार्थों में से एक है।

‘स्पाइरुलिना’ के क्या फायदे हैं?

Spirulina किसी भी बीमारी की दवा नहीं है। यह एक प्राकृतिक सुपरफूड है, हालांकि यह कई बीमारियों को ठीक सकता है। क्योंकि इसमें वे सभी पोषक तत्व होते हैं जिनकी हमारे शरीर को आवश्यकता होती है। यदि हमारे शरीर को पर्याप्त विटामिन और पोषक तत्व मिलते हैं, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है, जिससे हम बीमार नही होते है।

स्पिरुलिना में इतने पोषक तत्व होते हैं कि, यह एक सामान्य आहार में नहीं पाया जा सकता है । यहां तक ​​कि मांस मछली खाने से भी नहीं मिल सकता है–

स्पाइरुलिना में पाए जाने वाले तत्व: –

  1. Protein
  2. Chlorophyll
  3. Phycocyanin
  4. Minerals
  5. Fibre
  6. Beta carotene

Other ingredients: –
Vitamins: B1, B2, B6, E, and K
Minerals: calcium, iron, phosphorus,
Potassium, zinc, copper, manganese

Fatty acids: Omega 3, 6 and 9 GLA.

स्पिरुलिना पर वैज्ञानिकों ने बहुत सारे शोध किए हैं और इसे भविष्य का भोजन घोषित किया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *